अंबिकापुर | शहडोल से अंबिकापुर आ रही मेमो पैसेंजर ट्रेन मंगलवार को एक बड़े तकनीकी हादसे का शिकार हो गई। दर्रीटोला रेलवे स्टेशन के पास ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) तार टूटने से ट्रेन का परिचालन ठप हो गया, जिसके चलते सैकड़ों यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
स्टेशन पर घंटों अफरा-तफरी
तार टूटने के बाद ट्रेन को किसी तरह नगर रेलवे स्टेशन तक लाया गया, लेकिन तकनीकी खराबी गंभीर होने के कारण रेलवे अधिकारियों ने आगे का सफर रद्द करने की घोषणा कर दी। ट्रेन निरस्त होने की खबर मिलते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
- प्रभावित यात्री: नौकरीपेशा लोग, इलाज के लिए जा रहे मरीज और छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे परिवार सबसे ज्यादा परेशान रहे।
- नाराजगी: यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन पर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था न करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
रेलवे का ‘इमरजेंसी’ फैसला: सुपरफास्ट बनी सहारा
जब यात्रियों का गुस्सा बढ़ने लगा और स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई, तभी दिल्ली-अंबिकापुर साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन नगर स्टेशन पहुंची। स्थिति को भांपते हुए रेलवे प्रबंधन ने एक सराहनीय और त्वरित निर्णय लिया:
- अस्थायी पैसेंजर: सुपरफास्ट ट्रेन को अस्थायी रूप से ‘पैसेंजर ट्रेन’ के रूप में चलाने का आदेश दिया गया।
- सभी स्टॉपेज: इस ट्रेन को रास्ते के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकने की अनुमति दी गई ताकि मेमो ट्रेन के फंसे हुए यात्री अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुँच सकें।
“अगर रेलवे यह फैसला नहीं लेता, तो हमें पूरी रात भूखे-प्यासे स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ती। सुपरफास्ट ट्रेन में जगह मिलने से बड़ी राहत मिली है।” — एक पीड़ित यात्री
जांच के आदेश
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ओएचई तार टूटने के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। तकनीकी टीम युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए भविष्य में कड़े कदम उठाए जाएंगे।
