रिश्वत के बदले ‘ठंडी बियर’ की मांग, गरियाबंद में पटवारी निलंबित, उच्च अधिकारियों पर भी गिरी गाज

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छुरा तहसील में पदस्थ एक पटवारी का ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को निलंबित कर दिया है, वहीं संबंधित आरआई और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छुरा तहसील में पदस्थ एक पटवारी का ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को निलंबित कर दिया है, वहीं संबंधित आरआई और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है

​गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजस्व विभाग को शर्मसार करने वाला भ्रष्टाचार का एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। छुरा तहसील में तैनात एक पटवारी को किसान से रिश्वत के रूप में नकद और चिलचिलाती धूप में ‘ठंडी बियर’ मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले का ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। इस प्रकरण की आंच उच्चाधिकारियों तक भी पहुंची है, जिसके चलते संबंधित तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक (आरआई) को भी कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम छुरा तहसील के हल्का नंबर 28 का है। कियुटीझर गांव के एक किसान से अपनी जमीन के बटांकन और नक्शा कटवाने के एवज में पटवारी खेमराज साहू ने 10 हजार रुपये की घूस मांगी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे करीब दस दिन पुराने इस वीडियो में पीड़ित किसान, आरोपी पटवारी को 5 हजार रुपये देते हुए स्पष्ट दिखाई दे रहा है। भ्रष्टाचार की हद तो तब पार हो गई जब वायरल ऑडियो में पटवारी किसान से यह कहता हुआ सुना गया कि इतनी तेज धूप में मौका मुआयना करने के लिए उसे ‘ठंडी बियर’ की व्यवस्था भी करनी होगी। एक सरकारी कर्मचारी के इस अमर्यादित आचरण ने समूचे विभाग की कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​यह मामला तब और अधिक संवेदनशील हो गया, जब वायरल वीडियो में पटवारी द्वारा यह सनसनीखेज दावा किया गया कि वसूली गई रिश्वत की यह रकम केवल उसी की जेब में नहीं जाती, बल्कि इसका हिस्सा “ऊपर तक” पहुंचाया जाता है। इस बयान से राजस्व तंत्र के भीतर जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार के नेटवर्क की कलई खुल गई। वीडियो के संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया। अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद आरोपी पटवारी खेमराज साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

​पटवारी के ‘ऊपर तक पैसे जाने’ के दावे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आला अधिकारियों पर भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संबंधित आरआई और तहसीलदार से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि विस्तृत जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर उच्चाधिकारियों की संलिप्तता उजागर होती है या उनका जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट महकमे में हड़कंप मच गया है।

Share This News
Need Help?
error: Content is protected !!