अद्भुत प्रतिभा: कोरबा के नन्हे अविराज ने काठमांडू में रचा इतिहास, बनाए दो विश्व रिकॉर्ड

अद्भुत प्रतिभा: कोरबा के नन्हे अविराज ने काठमांडू में रचा इतिहास, बनाए दो विश्व रिकॉर्ड

अद्भुत प्रतिभा: कोरबा के नन्हे अविराज ने काठमांडू में रचा इतिहास, बनाए दो विश्व रिकॉर्ड

​कोरबा/काठमांडू: कहते हैं कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती, और इस बात को कोरबा (छत्तीसगढ़) के 2 वर्षीय अविराज तिवारी ने सच कर दिखाया है। महज 2 साल 11 महीने की उम्र में अविराज ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ के मंच पर अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

​1150 सवालों के सटीक जवाब से चौंकाया

​30 अप्रैल 2026 को आयोजित इस भव्य समारोह में अविराज ने अपनी असाधारण स्मरण शक्ति का प्रदर्शन किया। उन्होंने डेटाबेस पर आधारित 1150 कठिन प्रश्नों के बिल्कुल सही उत्तर दिए। इतनी छोटी उम्र में इतने विशाल ज्ञान भंडार को देख वहां मौजूद विशेषज्ञ और निर्णायक दंग रह गए।

​16 सेकंड में बोले डिक्शनरी के सबसे कठिन शब्द

​अविराज की उपलब्धि यहीं नहीं रुकी। उन्होंने अंग्रेजी डिक्शनरी के 5 सबसे लंबे और जटिल शब्दों का उच्चारण मात्र 16 सेकंड में कर दिखाया। उनकी इस एकाग्रता और बोलने की गति ने उपस्थित दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

​पारिवारिक पृष्ठभूमि और समर्थन

​अविराज, दीपका प्रोजेक्ट से जुड़े एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके माता-पिता और परिजनों का कड़ा परिश्रम है:

  • ​माता-पिता: श्रीमती आकांक्षा तिवारी एवं श्री राम कृष्ण तिवारी (सीनियर मैनेजर, भेल)।
  • ​दादा-दादी: श्री सच्चिदानंद तिवारी (फोरमैन, SECL दीपका) एवं श्रीमती कृष्णा तिवारी।
  • ​नाना-नानी: श्री अरुण कुमार मिश्रा एवं श्रीमती वंदना मिश्रा (रीवा)।

​देशभर में खुशी की लहर

​अविराज का पैतृक गांव बाकिया (सतना, म.प्र.) हो या उनकी कर्मभूमि कोरबा (छत्तीसगढ़), हर तरफ जश्न का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि अविराज की यह बुद्धि ईश्वर का वरदान है, जिसे उनके माता-पिता ने सही मार्गदर्शन देकर विश्व पटल पर चमकाया है।

​यह नन्हा ‘मास्टर’ आज न केवल छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का प्रतीक बन गया है।

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