रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संयुक्त रूप से करोड़ों रुपये की विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं का भूमिपूजन कर जिले को बड़ी सौगात दी है।
इन प्रमुख परियोजनाओं की रखी गई आधारशिला
कार्यक्रम के दौरान कुल तीन महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण कार्य की नींव रखी गई, जो रायगढ़ की चिकित्सा व्यवस्था का कायाकल्प करेंगे:
- नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय भवन: इसकी लागत 1,393.71 लाख रुपये है। इससे क्षेत्र के युवाओं को जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा मिल सकेगी।
- मातृ-शिशु अस्पताल स्टॉफ क्वाटर्स: 100 बिस्तरीय अस्पताल के कर्मचारियों के लिए 393.79 लाख रुपये की लागत से आवास बनाए जाएंगे।
- योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र: 280.57 लाख रुपये की लागत से 10 बिस्तरीय केंद्र का निर्माण होगा, जो पारंपरिक उपचार को बढ़ावा देगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन सुविधाओं के विस्तार से अब स्थानीय निवासियों को इलाज के लिए महानगरों की ओर नहीं दौड़ना पड़ेगा। उन्होंने जोर दिया कि बेहतर बुनियादी ढांचे से न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए द्वार भी खुलेंगे।

“इलाज के लिए अब नहीं जाना होगा बड़े शहर”
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे क्षेत्र के समग्र विकास और रायगढ़ को मेडिकल हब बनाने की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ बताया।
हितग्राहियों का सम्मान और आयुष्मान कार्ड का वितरण
इस गरिमामय समारोह में केवल अधोसंरचना पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव भी देखा गया:
- सिकल सेल विजेताओं का सम्मान: सिकल सेल जैसी बीमारी को मात देने वाले मरीजों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
- आयुष्मान कार्ड वितरण: पात्र हितग्राहियों को मौके पर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए, ताकि वे शासन की कैशलेस इलाज योजना का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम में शामिल रहे दिग्गज
इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेशयम राठिया, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक मस्के, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, महापौर जीववर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
