मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी): जिले के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में मंगलवार को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्सेस दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। उत्साह, गरिमा और सम्मानपूर्ण वातावरण में मनाए गए इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली नर्सों के समर्पण, सेवा भावना और मानवीय संवेदनाओं को नमन किया गया।

सेवा की सजीव मिसाल हैं नर्सें
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नर्सें केवल स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना की सजीव मिसाल हैं। आपातकालीन सेवाओं से लेकर मरीजों को मानसिक संबल प्रदान करने तक, नर्सों का योगदान अद्वितीय है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि डॉक्टरों और मरीजों के बीच नर्सिंग स्टाफ एक भरोसेमंद सेतु का कार्य करता है, जिनके धैर्य और जिम्मेदारी पर ही स्वास्थ्य संस्थानों की सफलता टिकी होती है।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल को किया याद
इस अवसर पर आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल के योगदान को याद किया गया। उपस्थित स्टाफ ने उनके आदर्शों पर चलते हुए ‘मरीज सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता‘ के संकल्प को दोहराया। अस्पताल प्रबंधन ने सभी नर्सों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
अस्पताल परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- प्रभारी मेटर्न: अनुपमा सिंह
- सहायक: सावित्री जायसवाल
- नर्सिंग सिस्टर व स्टाफ: सुबीना डेविड, पिंकू पटेल, पुष्पा पटेल, नीता, नीलिमा नायर, गीता पतवार, रीता मिश्रा, प्रियंका साहू, चंद्रवती राजवाड़े, आशु, अल्पना पटेल, उर्मिला कुमारी, शिवानी, सुनीता, सृष्टि, हर्ष, कवितिका, निधि, संगीता, कल्पना एवं समस्त अस्पताल स्टाफ।

गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, संवेदनशील और समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं देने का सामूहिक संकल्प लिया। अस्पताल परिवार के सदस्यों ने साझा किया कि चाहे वह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हो या सामान्य मरीजों की देखरेख, नर्सिंग विभाग की सक्रियता से ही अस्पताल की कार्यप्रणाली सुचारु बनी रहती है।
