बैकुंठपुर नगर पालिका अध्यक्ष विवाद: हाईकोर्ट ने बरकरार रखा चुनाव परिणाम, नविता शैलेश शिवहरे की कुर्सी सुरक्षित

बैकुंठपुर नगर पालिका अध्यक्ष विवाद: हाईकोर्ट ने बरकरार रखा चुनाव परिणाम, नविता शैलेश शिवहरे की कुर्सी सुरक्षित

बैकुंठपुर नगर पालिका अध्यक्ष विवाद: हाईकोर्ट ने बरकरार रखा चुनाव परिणाम, नविता शैलेश शिवहरे की कुर्सी सुरक्षित

बैकुंठपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे बहुचर्चित चुनावी विवाद पर अपना अंतिम और अहम फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के पूर्व आदेश को यथावत रखते हुए चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली अपील खारिज कर दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ ही निर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती नविता शैलेश शिवहरे के निर्वाचन पर कानूनी मुहर लग गई है और उनका पद सुरक्षित हो गया है।

लॉटरी से हुआ था हार-जीत का फैसला गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में संपन्न नगर पालिका के आम चुनावों के बाद 1 जनवरी 2022 को अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई थी। इस बेहद रोमांचक चुनाव में दोनों प्रत्याशियों को समान मत प्राप्त हुए थे। ऐसी अप्रत्याशित स्थिति में चुनाव अधिकारी के निर्देशानुसार और सभी पार्षदों व अभ्यर्थियों की सहमति से ‘लॉटरी प्रक्रिया’ अपनाई गई। इस प्रक्रिया में भाग्य ने श्रीमती नविता शैलेश शिवहरे का साथ दिया और उन्हें विजयी घोषित किया गया था।

तीन साल चली लंबी कानूनी लड़ाई चुनाव परिणाम के बाद पराजित प्रत्याशी श्रीमती साधना जायसवाल ने इसे जिला न्यायालय बैकुंठपुर में चुनाव याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी। लगभग तीन वर्षों तक चले इस प्रकरण में न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रियाओं का सूक्ष्मता से पालन किया। मतपेटियों का निरीक्षण और दोनों पक्षों के साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद, 7 मई 2025 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिका को खारिज कर दिया था।

हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला जिला न्यायालय के फैसले से असंतुष्ट होकर श्रीमती जायसवाल ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रुख किया और सीआर नंबर 149/2025 के तहत अपील दायर की। उच्च न्यायालय में दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क मजबूती से रखे। विस्तृत सुनवाई पूरी होने के पश्चात 23 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

अंततः 10 अप्रैल 2026 को उच्च न्यायालय ने अपना स्पष्ट फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के निर्णय को पूरी तरह सही ठहराया और अपील को निरस्त कर दिया।

वकीलों की प्रभावी पैरवी और जनता में हर्ष इस पूरे प्रकरण में नविता शिवहरे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष गुप्ता तथा उच्च न्यायालय बिलासपुर में अधिवक्ता चंद्रेश श्रीवास्तव एवं शशांक गुप्ता ने बेहद मजबूत और प्रभावी पैरवी की।

उच्च न्यायालय के इस फैसले का बैकुंठपुर क्षेत्र में व्यापक रूप से स्वागत किया जा रहा है। आम नागरिकों का मानना है कि इस निर्णय से न्यायपालिका की निष्पक्षता और भारतीय न्याय व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास और भी सुदृढ़ हुआ है। क्षेत्र में इस फैसले को “सत्यमेव जयते” (सत्य की ही जीत होती है) और “यतो धर्म ततो जय” (जहाँ धर्म है, वहाँ विजय है) की भावना की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।

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