सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंधीवारी स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 12 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुल 34 श्रमिक हादसे की चपेट में आए हैं। घायलों का उपचार वर्तमान में रायगढ़ के अस्पतालों में चल रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
जांच की कमान SDM के हाथ
प्रशासन ने डभरा एसडीएम विनय कश्यप को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अगले 30 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपें।

8 बिंदुओं पर टिकेगी जांच की सुई
यह जांच मुख्य रूप से आठ बिंदुओं पर आधारित होगी, जिसमें निम्नलिखित पहलुओं को खंगाला जाएगा:
- हादसे का सटीक समय और कारण।
- घटनास्थल पर कार्यरत मजदूरों की वास्तविक संख्या और उनकी पहचान।
- औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा प्लांट की पिछली निरीक्षण रिपोर्ट।
- क्या पूर्व में मिली खामियों पर प्रबंधन ने कार्रवाई की थी?
- दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी थी या मानवीय लापरवाही?
दोषियों पर गिरेगी गाज
जांच का एक मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों या अधिकारियों की पहचान करना है जिनकी लापरवाही के कारण यह भीषण हादसा हुआ। इसके साथ ही, रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव भी मांगे गए हैं।
क्षेत्र में आक्रोश
हादसे के बाद से ही सिंधीवारी और आसपास के क्षेत्रों में भारी शोक और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवारों और स्थानीय संगठनों ने प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे के साथ न्याय की मांग तेज कर दी है। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
