शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (DWPS) में बहुप्रतीक्षित समर कैंप “समर स्पार्क” का अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ शुभारंभ हुआ। कैंप के पहले ही दिन विद्यालय परिसर बच्चों की खिलखिलाहट, रचनात्मकता और ऊर्जा से सराबोर नजर आया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके भीतर छिपी अद्वितीय प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है।

दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। प्रातःकालीन सभा का कुशल संचालन वरिष्ठ अंग्रेजी शिक्षक श्री राज एवं अन्य शिक्षकों द्वारा किया गया, जिन्होंने बच्चों को कैंप की रूपरेखा से अवगत कराया।

जुंबा और खेल गतिविधियों ने भरी ऊर्जा
कैंप के पहले दिन की शुरुआत एक जोश भरे जुंबा सेशन से हुई, जिसमें संगीत की धुन पर थिरकते हुए बच्चों ने स्वयं को ऊर्जावान महसूस किया। इसके पश्चात क्रिकेट सत्र का आयोजन हुआ, जहाँ प्रशिक्षकों ने बच्चों को खेल भावना, टीम वर्क और अनुशासन के गुर सिखाए।
रचनात्मकता और विज्ञान का संगम
बच्चों की कल्पनाशीलता को नई उड़ान देने के लिए विभिन्न सत्र आयोजित किए गए:
- आर्ट एंड क्राफ्ट एवं पॉटरी: बच्चों ने रंगों और मिट्टी के साथ खेलते हुए सुंदर आकृतियां बनाईं, जिससे उनके धैर्य और सृजनात्मक कौशल का विकास हुआ।
- संगीत पाठशाला: संगीत सत्र में बच्चों ने विभिन्न वाद्य यंत्रों की बारीकियों को समझा।
- विज्ञान के चमत्कार: विज्ञान शिक्षकों ने रोचक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को रंगों के मिश्रण, जल के गुण और अम्ल-क्षार (Acid-Base) जैसे वैज्ञानिक तथ्यों को व्यावहारिक रूप से समझाया।

अनुभव और आगामी योजनाएं
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने कहा, “यह कैंप केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सीखने का एक अनूठा अवसर है। ऐसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।”
विद्यालय की निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने सफल प्रथम दिवस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि आगामी दिनों में बच्चों के लिए मेंहदी, कुकिंग विदाउट फायर, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट (व्यक्तित्व विकास) और इंडोर गेम्स जैसी कई रोचक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में सहायक होंगी।
कैंप का पहला दिन बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणादायक और यादगार रहा।
