नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने अपने स्टेशन संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों के नाम में ऐतिहासिक बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड द्वारा 22 अप्रैल 2026 को जारी नए आदेश (RBE No. 32/2026) के तहत, अब ‘स्टेशन मास्टर’ और ‘स्टेशन सुपरिंटेंडेंट’ को ‘स्टेशन प्रबंधक’ (Station Manager) के नाम से जाना जाएगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पदनाम में क्या हुए हैं बदलाव?
रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार नए पदनाम और उनका वर्गीकरण इस प्रकार होगा:
उप स्टेशन प्रबंधक (Deputy Station Manager): ग्रेड पे ₹4600 (लेवल-7) वाले अधिकारी।
स्टेशन प्रबंधक (Station Manager): ग्रेड पे ₹4800 (लेवल-8) वाले अधिकारी।
ध्यान दें: रेलवे बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि यह केवल पदनाम में किया गया बदलाव है। इससे अधिकारियों के वर्तमान वेतनमान (Pay Scale), दैनिक कार्यों या जिम्मेदारियों में कोई भी परिवर्तन नहीं होगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के सेक्रेटरी जनरल श्री शशि चंद्र पुरोहित ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे स्टेशन मास्टर संवर्ग के लिए एक गरिमापूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया है।
उन्होंने इस बदलाव के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस तरह जोनल स्तर पर महाप्रबंधक (GM) और मंडल स्तर पर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यरत होते हैं, उसी तर्ज पर स्टेशन के मुखिया के लिए ‘स्टेशन प्रबंधक’ पदनाम प्रशासनिक दृष्टिकोण से कहीं अधिक तार्किक और सम्मानजनक है।
एसोसिएशन की निरंतर सफलताएं
AISMA ने इस अवसर पर रेलवे बोर्ड का आभार व्यक्त किया और संगठन के निरंतर प्रयासों से मिली पिछली सफलताओं का भी उल्लेख किया। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
असिस्टेंट स्टेशन मास्टर (ASM) पद का विलोपन।
प्रारंभिक भर्ती में ग्रेड पे ₹4200 सुनिश्चित करना।
नियुक्ति के बाद फर्स्ट क्लास (First Class) पास की सुविधा देना।
वर्दी भत्ते और रात्रि भत्ते (Night Duty Allowance) की पुनर्बहाली।
कैडर पुनर्गठन का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि रेलवे बोर्ड भविष्य में भी कर्मचारियों के मान-सम्मान और हितों से जुड़े फैसलों को इसी तरह प्राथमिकता देता रहेगा।