नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए एक बेहद बड़ी और धमाकेदार खुशखबरी सामने आई है! अगर आपके घर की कोई महिला अब संपत्ति खरीद रही है, तो सरकार ने उनके लिए खजाना खोल दिया है। जी हां, छत्तीसगढ़ सरकार ने आधी आबादी को एक बहुत बड़ा तोहफा देते हुए महिलाओं के नाम पर होने वाली संपत्ति की रजिस्ट्री के शुल्क में सीधे 50% की भारी-भरकम कटौती कर दी है।
इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक मुहर आज यानी 6 मई 2026 (बुधवार) को नवा रायपुर से जारी ‘छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण)’ में लग गई है।
क्या है पूरी खबर? आइए जानते हैं विस्तार से:
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर) द्वारा आज एक अहम अधिसूचना (RULE/338/2026-REGISTRATION) जारी की गई है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 78 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, राज्य सरकार ने “पंजीयन शुल्क की सारणी” में एक नया संशोधन (सरल क्रमांक 67) जोड़ दिया है।
इस नए नियम के तहत, जो संपत्तियां विशेष रूप से (अनन्यतः) महिलाओं के नाम पर ट्रांसफर या रजिस्टर की जाएंगी, उन पर लगने वाले पंजीयन (रजिस्ट्री) शुल्क को आधा कर दिया गया है।
कहाँ-कहाँ मिलेगी यह 50% की बंपर छूट?
राजपत्र के अनुसार, नीचे दिए गए तीन मामलों में सीधे 50% की कटौती लागू होगी:
पहला फायदा: रजिस्ट्रीकरण शुल्क की सारणी के अनुच्छेद-एक के खण्ड (क) के तहत आने वाले दस्तावेजों के प्रभार्य शुल्क में 50% की कमी।
दूसरा फायदा: अनुच्छेद-एक की टिप्पणी 2 के खण्ड (क) से संबंधित दस्तावेजों के प्रभार्य शुल्क में भी 50% की सीधे कमी।
तीसरा फायदा: अनुच्छेद-एक की टिप्पणी 5 से संबंधित दस्तावेजों पर भी 50% की बंपर छूट मिलेगी।
आज से ही लागू हो गया नया नियम!
अगर आप सोच रहे हैं कि यह नियम कब से लागू होगा, तो आपको बता दें कि अधिसूचना में साफ लिखा है कि राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से ही यह नियम लागू माना जाएगा। यानी आज 6 मई 2026 से ही महिलाओं को इस भारी छूट का फायदा मिलना शुरू हो गया है!
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से और उनके आदेशानुसार, सचिव अंकित आनंद के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है।
क्या होगा इसका असर?
विशेषज्ञों की मानें तो सरकार का यह ‘मास्टरस्ट्रोक’ रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा बूम ला सकता है। अब लोग टैक्स और रजिस्ट्री का हजारों-लाखों रुपये बचाने के लिए संपत्तियां अपनी घर की महिलाओं (पत्नी, मां, बेटी) के नाम पर ज्यादा खरीदेंगे। इससे न सिर्फ महिलाओं के हाथ में संपत्ति का अधिकार आएगा, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण को भी एक नई और मजबूत रफ्तार मिलेगी।
तो देर किस बात की? अगर आप भी कोई प्लॉट, फ्लैट या मकान लेने का प्लान बना रहे हैं, तो घर की ‘लक्ष्मी’ के नाम पर ही लें, क्योंकि अब सरकार भी कह रही है— महिलाओं के नाम रजिस्ट्री, मतलब सीधी आधी बचत!
