बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण हादसा हो गया। बीएसपी (BSP) द्वारा कराए जा रहे सीवेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से चार मजदूर गहरी नाली में दब गए। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, इस हादसे में चारों मजदूरों के हताहत होने की खबर है, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम और तनाव का माहौल व्याप्त है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना फुटबॉल ग्राउंड स्थित दास पान ठेला के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन के लिए जेसीबी और चेनमाउंटेन मशीन से गहरी खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान नाली के किनारे की मिट्टी अचानक भरभराकर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गई। हादसा इतना अचानक और भयावह था कि मजदूरों को बचाव का एक पल भी नहीं मिल सका।

प्रशासनिक कार्रवाई और बचाव कार्य
हादसे की खबर मिलते ही दल्लीराजहरा पुलिस और बीएसपी के उच्च अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय नागरिकों और बचाव दल की मदद से मलबे को हटाने और मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। हालांकि, जब तक मजदूरों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही थी।
लापरवाही के गंभीर आरोप
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की घोर अनदेखी का आरोप लगाया है।
- सुरक्षा उपायों का अभाव: इतनी गहरी खुदाई के बावजूद मिट्टी को धंसने से रोकने के लिए कोई ‘शटरिंग’ या सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई थी।
- पीपीई किट की कमी: मजदूरों के पास सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण मौजूद नहीं थे।
- तकनीकी चूक: मशीनरी के संचालन के दौरान जमीनी मजबूती का आकलन नहीं किया गया था।
परिजनों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
घटनास्थल पर हजारों की भीड़ जुटने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मृतक मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और परिजनों ने मांग की है कि:
- दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
- पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
- लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
“पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के उपरांत जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — स्थानीय पुलिस प्रशासन
