दुर्ग/कुम्हारी: दुर्ग जिले के कुम्हारी अंतर्गत महामाया बस्ती में हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक ही झटके में उजड़े परिवार और चार जिंदगियों के असमय काल कवलित होने की इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र में मातम पसरा दिया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों समेत तमाम वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
घटनास्थल पर पहुंचे दिग्गज, राहत कार्यों का लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव और दुर्ग सांसद विजय बघेल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। नेताओं ने मलबे में तब्दील हो चुके घर और तबाही के मंजर को देख गहरा दुख व्यक्त किया। उनके साथ साजा विधायक ईश्वर साहू, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा भी मौजूद रहे, जिन्होंने स्थानीय निवासियों से चर्चा कर घटना के वक्त की भयावहता को समझा।
मुख्य उपस्थिति एवं नेतृत्व:
- मंत्रिमंडल: श्याम बिहारी जायसवाल (स्वास्थ्य मंत्री), गजेंद्र यादव (कैबिनेट मंत्री)।
- संसदीय प्रतिनिधित्व: विजय बघेल (सांसद, दुर्ग)।
- विधायक गण: ईश्वर साहू, रिकेश सेन, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा।
- संगठन एवं निगम: रूपनारायण सिन्हा (अध्यक्ष, योग आयोग), दीपक म्हास्के (अध्यक्ष, CGMSC), राकेश पांडेय (अध्यक्ष, खादी एवं ग्रामोद्योग), सुरेन्द्र कौशिक (भाजपा जिलाध्यक्ष)।
प्रशासन को सख्त निर्देश: जांच और त्वरित सहायता
जनप्रतिनिधियों ने मौके पर उपस्थित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से घटना के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- उच्च स्तरीय जांच: हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
- तात्कालिक सहायता: प्रभावित परिवार को तत्काल भोजन, आश्रय और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
- पोस्टमार्टम प्रक्रिया: लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में रखे गए शवों की सुपुर्दगी और अन्य औपचारिकताएं संवेदनशीलता के साथ पूर्ण की जाएं।
मुख्यमंत्री की घोषणा: आर्थिक संबल और सहानुभूति
सांसद विजय बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वयं इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि:
“यह केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद घड़ी है। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों के साथ खड़ी है और उनके पुनर्वास व उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।”
शोक की लहर और सुरक्षा पर सवाल
महामाया बस्ती में हुए इस धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में भी दरारें आ गईं। वर्तमान में क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस अनहोनी से स्तब्ध हैं। इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में गैस सिलेंडरों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई और प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि परिवार के जीवित बचे सदस्यों को किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
