चिरमिरी। गाँधी मैदान में आयोजित श्री राम कथा में बुधवार को भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह प्रसंग का भव्य आयोजन हुआ। कथा में शामिल होने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे, जहां उन्होंने कथा व्यास एवं संत समाज का अभिनंदन करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग की कथा में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, “आज भगवान श्री राम के विवाह की कथा में शामिल होने का अवसर मिला। मैं पूरे प्रदेश की जनता की तरफ से कथा व्यास का अभिनंदन करता हूँ। प्रभु श्रीराम के ननिहाल में सभी संतों का स्वागत करता हूँ।” मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के नारों से पूरा पंडाल गूंजा दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण प्रदेश के लिए एक कलंक था और इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा सख्त कानून लाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस कदम से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी और प्रदेश की संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा होगी। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक भैया लाल राजवाड़े,भाजपा जिलाध्यक्ष चम्पा देवी पावले सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति द्वारा मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
कथा वाचक जगद्गुरु श्री राम भदराचार्य ने भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। जनकपुरी की सजावट, स्वयंवर, शिव धनुष भंग और विवाह समारोह का जीवंत चित्रण सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। विवाह प्रसंग के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर प्रभु श्रीराम और माता जानकी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
गाँधी मैदान को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक श्रद्धालु कथा और भजन-कीर्तन में डूबे रहे। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी श्री राम कथा के विभिन्न प्रसंगों का वाचन किया जाएगा।
