मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मनेन्द्रगढ़ स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय में शुक्रवार को एसीबी की टीम ने दबिश दी और कनिष्ठ अभियंता (JE) मनीष बजाज व लाइनमैन राकेश शुक्ला को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति ने 5 हॉर्स पावर (HP) के मोटर कनेक्शन के लिए बिजली विभाग में आवेदन किया था। इस काम को पूरा करने के एवज में कनिष्ठ अभियंता और लाइनमैन द्वारा ₹10,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी। बार-बार चक्कर लगाने और रुपयों का दबाव बनाए जाने से परेशान होकर पीड़ित ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से कर दी।
एसीबी ने ऐसे बिछाया जाल शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की प्रारंभिक जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। योजनाबद्ध तरीके से एसीबी ने पीड़ित को ₹9,500 देकर बिजली विभाग के कार्यालय भेजा। कार्यालय में जैसे ही आरोपियों ने पीड़ित से रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, वहां सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने दोनों को धर दबोचा।
विभाग में मचा हड़कंप कार्यालय के भीतर अचानक हुई इस छापामार कार्रवाई से पूरे विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारी और कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर बाहर आ गए।
फिलहाल, एसीबी की टीम दोनों आरोपियों (मनीष बजाज और राकेश शुक्ला) को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में यह संदेश गया है कि भ्रष्ट अधिकारियों पर प्रशासन की पैनी नजर है।
- मामला: 5 एचपी मोटर कनेक्शन देने के नाम पर मांगी गई थी ₹10,000 की घूस।
- आरोपी: कनिष्ठ अभियंता (JE) मनीष बजाज और लाइनमैन राकेश शुक्ला।
- कार्रवाई: एसीबी ने ₹9,500 की रिश्वत लेते हुए दोनों को रंगे हाथों ट्रैप किया।
