सोनहत में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर ग्रामीणों का विरोध, खड़ा ढांचा हटाया गया

सोनहत में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर ग्रामीणों का विरोध, खड़ा ढांचा हटाया गया

सोनहत में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर ग्रामीणों का विरोध, खड़ा ढांचा हटाया गया


सोनहत। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के धुम्माड क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कथित रूप से किए जा रहे अवैध निर्माण को लेकर शनिवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर बिना वैधानिक अनुमति के एक चर्च का निर्माण किया जा रहा था। विरोध के बाद मौके पर एकत्रित लोगों ने निर्माणाधीन ढांचे को हटाते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


जानकारी के अनुसार धुम्माड क्षेत्र में लंबे समय से शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य चल रहा था। इसकी सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था वह राजस्व अभिलेखों में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है और वहां किसी भी प्रकार का निजी या धार्मिक निर्माण नियमों के विपरीत है।
मौके पर मौजूद सोनहत ग्राम पंचायत के उपसरपंच राजेश कुमार गुप्ता, सलगांवकला के उपसरपंच आशीष जायसवाल, भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मनोज साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को तत्काल बंद करने की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।


ग्रामीणों के अनुसार जब निर्माण की वैधता से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई तो संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्माणाधीन ढांचे को हटाने का निर्णय लिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह निर्माण बिना प्रशासनिक स्वीकृति के किया जा रहा था, जिससे क्षेत्र में विवाद की स्थिति बन रही थी।


भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मनोज साहू ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और आदिवासी परिवारों को प्रभावित कर धर्मांतरण कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने तथा शिकायतों की सत्यता के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।


हालांकि, इस मामले में निर्माण से जुड़े पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भविष्य में इस प्रकार के किसी भी अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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