कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रामगढ़ में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक युवक और एक अपचारी बालक (नाबालिग) शामिल है। आरोपियों के कब्जे से शत-प्रतिशत मशरूका, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात, मोबाइल और नकदी शामिल है, बरामद कर ली गई है।
सूने मकान को बनाया था निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता उमाशंकर साहू निवासी रामगढ़ गत 7 जून 2026 को एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने मनेंद्रगढ़ गए हुए थे। इस दौरान उनकी पत्नी घर पर अकेली थीं। शाम करीब 7 बजे वह घर के मुख्य दरवाजे पर सांकल लगाकर पास में ही किसी काम से पड़ोस में गईं थीं। जब वे आधे घंटे बाद लौटीं, तो घर के भीतर का नजारा देखकर दंग रह गईं। घर का सामान बिखरा हुआ था और पेटी खुली थी, जिसमें रखे जेवरात, नकदी और मोबाइल गायब थे।

सख्ती के आगे टूटे शातिर चोर
घटना की शिकायत मिलते ही कोरिया पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे एवं एसडीओपी राजेश साहू के मार्गदर्शन में सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिरों की सूचना के आधार पर संदेहियों की पहचान की।
पुलिस ने रामगढ़ निवासी राकेश कुमार गुप्ता (28 वर्ष) और एक अपचारी बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो वे टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
66 हजार से अधिक का माल बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया है। बरामद किए गए सामानों का विवरण इस प्रकार है:
- सोने की बाली: 1 जोड़ी (कीमत ₹10,200)
- सोने का मंगलसूत्र: 3 नग (कीमत ₹18,000)
- चांदी की कमरधनी: 1 नग (कीमत ₹25,000)
- एंड्रॉयड मोबाइल: 1 नग (कीमत ₹10,000)
- नकद राशि: ₹3,000
- कुल बरामद मशरूका: ₹66,200
पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस त्वरित और सफल कार्रवाई में सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान, उप निरीक्षक राजाराम राठिया, उप निरीक्षक नीलमणी कुजूर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक धलेन्द्र प्रसाद भारती, आरक्षक निखलेश राजवाड़े, शिव पटेल, सहायक आरक्षक उमेन्द्र सिंह तथा समयलाल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस की इस मुस्तैदी से क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है।
