अधिवक्ता संघ की मांग पूरी होने से अधिवक्ताओं में हर्ष
मनेन्द्रगढ़। जिले में बच्चों से जुड़े मामलों की सुनवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत मनेन्द्रगढ़ में किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) का पुनर्गठन किया गया है। अब मनेन्द्रगढ़ में ही बच्चों से संबंधित मामलों की सुनवाई सप्ताह में दो दिन होगी। इससे मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लोगों को किशोर न्याय से जुड़े मामलों के लिए बैकुंठपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना क्रमांक GENCOR/1540/2026-WCD में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत किशोर न्याय बोर्डों के पुनर्गठन की जानकारी दी गई है। अधिसूचना में मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के लिए श्री राकेश सिंह सोरी, द्वितीय सिविल जज, वरिष्ठ श्रेणी, मनेन्द्रगढ़ को किशोर न्याय बोर्ड का प्रधान मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार मनेन्द्रगढ़ किशोर न्याय बोर्ड का क्षेत्राधिकार मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के लिए रहेगा। श्री राकेश सिंह सोरी मनेन्द्रगढ़ में सप्ताह में दो दिन किशोर न्याय बोर्ड के मामलों की सुनवाई करेंगे। वहीं बैकुंठपुर स्थित किशोर न्याय बोर्ड में सप्ताह में एक दिन सुनवाई की व्यवस्था रहेगी।
इस व्यवस्था से जिले में बाल संरक्षण और किशोर न्याय से संबंधित मामलों की सुनवाई अधिक सुगम होने की उम्मीद है। अब बच्चों से जुड़े मामलों में परिजनों, संबंधित पक्षों तथा अधिकारियों को बार-बार बैकुंठपुर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। मनेन्द्रगढ़ में ही सुनवाई की सुविधा उपलब्ध होने से समय और संसाधनों की बचत के साथ न्यायिक प्रक्रिया तक स्थानीय स्तर पर पहुंच भी आसान होगी।
गौरतलब है कि किशोर न्याय बोर्ड का उद्देश्य विधि से संघर्षरत बच्चों से जुड़े मामलों की सुनवाई तथा उनके संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित प्रक्रिया को कानून के अनुरूप संचालित करना है। मनेन्द्रगढ़ में बोर्ड की नियमित सुनवाई शुरू होने से जिले में बाल न्याय व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राज्य शासन की ओर से जारी अधिसूचना में सुकमा और बैकुंठपुर के किशोर न्याय बोर्डों के लिए भी प्रधान मजिस्ट्रेट की व्यवस्था निर्धारित की गई है। अधिसूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग की उप सचिव लविना पांडेय के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।
मनेन्द्रगढ़ में किशोर न्याय बोर्ड की सप्ताह में दो दिन सुनवाई की व्यवस्था को जिले में बाल हितों से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब बच्चों से संबंधित मामलों के लिए बैकुंठपुर की दूरी तय करने की बाध्यता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
