चिरमिरी। पानी संकट से त्रस्त लोगों का फूटा गुस्सा, गोदरीपारा में 4 घंटे चक्का जाम शहर के गोदरीपारा स्थित एकता नगर में मंगलवार को पेयजल संकट को लेकर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों के अनुसार गोदरीपारा क्षेत्र में नगर निगम चिरमिरी के सात वार्ड शामिल हैं, जहां करीब 10 हजार से अधिक आबादी निवास करती है। इसके बावजूद क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों का आरोप है कि एसईसीएल कॉलोनी होने के कारण यहां पानी की जिम्मेदारी एसईसीएल पर है, लेकिन भीषण गर्मी के इस दौर में 8 से 10 दिन में एक बार ही पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन में क्षेत्र के सातों वार्डों के पार्षद भी शामिल हुए। पार्षदों ने बताया कि उन्होंने कई बार एसईसीएल प्रबंधन, पीएचई विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे नाराज होकर लोगों को सड़क पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
चक्का जाम के दौरान यातायात पूरी तरह बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी बीच एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई, जिसे तत्काल अस्पताल भेजा गया। मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एम्बुलेंस और स्कूल बसों को रास्ता दिया।
करीब चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद तहसीलदार, पीएचई विभाग, नगर निगम और एसईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी छह प्रमुख मांगों पर सहमति जताई और 15 दिनों के भीतर जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। साथ ही सभी पाइपलाइनों में नियमित पानी पहुंचाने का भरोसा दिलाया गया।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया, लेकिन लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करते हुए संबंधित विभागों का घेराव करेंगे।
