महासमुंद. बच्चों की वार्षिक परीक्षा लेना भूल गया शिक्षक जिले के पिथोरा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला कोटादादर में शिक्षक के लापरवाही का मामला सामने आया है इस स्कूल में शिक्षक की लापरवाही के चलते कक्षा पहली और दूसरी में अध्ययनरत विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा आयोजित नहीं की गई, जिससे दोनों कक्षाओं के छात्र परीक्षा से वंचित रह गए। शासन द्वारा परीक्षा की तय समय सारिणी अनुसार 6 अप्रैल को कक्षा पहली के लिए हिंदी, कक्षा दूसरी के लिए अंग्रेजी, कक्षा 3 के लिए गणित तथा कक्षा 4 के लिए हिंदी विषय की परीक्षा निर्धारित थी।
जिसमें कक्षा तीसरी और चौथी की परीक्षा तो नियमित रूप से संपन्न कराई गई, लेकिन कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली गई। गौरतलब हो कि कोटादादर स्कूल में कक्षा पहली में 12 एवं कक्षा दूसरी में 14 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो इस लापरवाही के कारण परीक्षा से वंचित रह गए। बतादे की स्कूल में 3 शिक्षक पदस्त है । स्कूल की प्रधान पाठक रेहाना बानो की ड्यूटी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोहंदा में पर्यवेक्षक के रूप में लगी हुई थी। ऐसे में विद्यालय में परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सहायक शिक्षक श्याम कुमार पटेल को सौंपी गई थी। आरोप है कि उनकी
लापरवाही के चलते ही कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली गई। इस घटना से बच्चों की साल भर की पढ़ाई का तो नुकसान हुआ है साथ ही शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है । इस मामले पर दोषी शिक्षक द्वारा भूल वश परीक्षा नहीं लेने का कारण बताया है हालांकि की पिथोरा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए दोषी शिक्षक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया है लेकिन क्या लापरवाह शिक्षक की लापरवाही को सुधारने फिर से पहली और दूसरी कक्षा का परीक्षा लिया जाएगा या ये लापरवाही के खामियाजा की भरपाई नोटिस से ही हो जाएगी.
