भरतपुर। विकासखंड शिक्षा विभाग भरतपुर द्वारा आयोजित एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम में जबलपुर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने स्कूली बच्चों को जीवन में सफलता के मूलमंत्र बताए। यह विशेष आयोजन 13 अप्रैल 2026 को वनांचल क्षेत्र जनकपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ, जिसमें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित युवा आइकन दर्शना सिंह की भी विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने सरल और सहज व्यक्तित्व से न्यायमूर्ति श्री सिंह ने विद्यार्थियों का मन मोह लिया। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में अनुशासन, ईमानदारी, सेवा भावना और कड़ी मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सहृदयता, भाईचारा और माता-पिता की सेवा अत्यंत आवश्यक है। साथ ही बच्चों को सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और आंतरिक प्रसन्नता के महत्व से भी अवगत कराया।
न्यायमूर्ति श्री सिंह ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, समाज और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। उनके उद्बोधन के बाद बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल और प्रेरणादायक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। यह पल विद्यार्थियों के लिए अत्यंत गर्व का क्षण रहा।
इस अवसर पर आईपीएस में चयनित सुश्री दर्शना सिंह ने भी अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने अपने माता-पिता को अपनी सफलता का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बताया और बच्चों को सलाह दी कि वे मोबाइल और रील्स पर अधिक समय न बिताएं तथा अपने लक्ष्य पर फोकस करें।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भरतपुर शशि शेखर मिश्रा का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। स्वागत भाषण विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री सच्चिदानंद साहू ने दिया, जबकि संचालन सेजस प्राचार्य दीपक सिंह बघेल ने किया। अंत में एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य श्री राजेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर शिक्षा विभाग भरतपुर द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
