सरगुजा : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद शर्मनाक वारदात सामने आई है। जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वारदात 24 अप्रैल की देर रात की बताई जा रही है।
शादी समारोह से लौटते वक्त हुई दरिंदगी प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों नाबालिग बच्चियां पास की ही एक बस्ती में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए गई थीं। रात में जब वे समारोह से वापस अपने घर लौट रही थीं, तभी सुनसान रास्ते का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उन्हें धर दबोचा। इसके बाद आरोपियों ने बच्चियों को अपने कब्जे में लेकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दोनों पीड़िताएं विशेष पिछड़ी जनजाति (मांझी समुदाय) से संबंध रखती हैं, जिसके कारण इस मामले की संवेदनशीलता और अधिक बढ़ गई है।
8 से 9 युवकों पर दरिंदगी का आरोप पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस जघन्य अपराध में 8 से 9 युवक शामिल थे। इन सभी ने मिलकर बच्चियों के साथ यह अमानवीय कृत्य किया। घटना के बाद बुरी तरह सहमी और डरी हुई बच्चियां किसी तरह अपने घर पहुंचीं और परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने तुरंत पुलिस का रुख किया।

पुलिस की कार्रवाई तेज, विशेष टीम गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए सीतापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने 3 नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में भारी आक्रोश इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस-प्रशासन से दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
