मनेन्द्रगढ़। शहर में शनिवार देर रात आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज आंधी और लगातार हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ। देर रात अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए, वहीं दुकानों के शेड और टीन उड़कर सड़कों पर बिखर गए।
शहर के मेट्रो हॉस्पिटल के पास स्थित नेशनल हाईवे क्रमांक-43 पूरी तरह जलमग्न हो गया। सड़क पर पानी भर जाने के कारण कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज तूफान के कारण कई दुकानों के शेड और होर्डिंग्स टूटकर सड़क पर गिर पड़े। जगह-जगह मलबा फैल जाने से हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। शहर के बाजार क्षेत्र, बस स्टैंड और मुख्य मार्गों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। देर रात तक नगर पालिका और प्रशासनिक अमला सड़कों से मलबा हटाने में जुटा रहा।
आंधी-तूफान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। कई स्थानों पर बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे मनेन्द्रगढ़ शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाके देर रात तक अंधेरे में डूबे रहे। अचानक बिजली गुल होने से लोगों को गर्मी और उमस के बीच काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमों ने खराब लाइनों की मरम्मत के लिए रातभर काम किया। काफी मशक्कत के बाद सुबह के समय अधिकांश क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल की जा सकी।
बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों में भय का माहौल भी देखने को मिला। कई परिवार रातभर जागते रहे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था सुधारने और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य तेज करने की मांग की है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
