राजनगर ओपनकास्ट माइन में खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जांच के दौरान गुमराह करने का गंभीर मामला सामने आया है। हॉल रोड और वर्किंग फेस में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने तथा निरीक्षण के समय किराए की डीजे लाइटें लगाकर धोखेबाज़ी करने की शिकायत के बाद, प्रबंधन ने स्थायी सुधार होने तक सूर्यास्त से सूर्योदय तक (रात्रि पाली) का उत्पादन कार्य बंद कर दिया है।

हिंद मजदूर सभा (HMS) के प्रतिनिधि अख्तर जावेद उस्मानी ने सुरक्षा मानकों से समझौते का कड़ा विरोध करते हुए मजदूर संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने हसदेव क्षेत्र की खदानों में चल रही गंभीर अनियमितताओं को उजागर करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
- हादसों की लीपापोती: हसदेव की खदानों में होने वाली गंभीर चोटों और दुर्घटनाओं की जानकारी DGMS को नहीं भेजी जा रही है।
- ठेका मजदूरों की अनदेखी: ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत मजदूरों को लगने वाली चोटों की रिपोर्ट को दबाया जा रहा है।
- नियमों का उल्लंघन: डी-पिलरिंग (Depillaring) की अनुमतियों और तय शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
- जांच में छलावा: खदान में रोशनी के निर्धारित मानकों को पूरा करने के बजाय निरीक्षण के वक्त किराए की डीजे लाइटें लगाकर अधिकारियों को गुमराह किया गया।
अख्तर जावेद उस्मानी ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की जान-माल से खिलवाड़ और सुरक्षा की अनदेखी को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन सभी अनियमितताओं के पुख्ता प्रमाण जुटाकर DGMS के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे और दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
