घुसपैठियों पर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन

घुसपैठियों पर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन

घुसपैठियों पर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एक्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्रदेशभर में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में अब तक 57 संदिग्धों को “क्विट इंडिया” आदेश जारी किया जा चुका है, जबकि लगभग 1000 संदिग्ध अभी भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी।

सभी 33 जिलों में बनाई गई एसटीएफ
राज्य सरकार ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और निगरानी के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है। इन टीमों में एएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसटीएफ को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, दस्तावेजों की जांच करने, स्थानीय स्तर पर सत्यापन कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कई जिलों में टीमों ने किरायेदारों, श्रमिकों और संदिग्ध पहचान वाले लोगों का सत्यापन अभियान भी शुरू कर दिया है।

57 संदिग्धों को जारी हुआ “क्विट इंडिया” नोटिस

सरकारी सूत्रों के अनुसार अब तक 57 संदिग्ध विदेशी नागरिकों को “क्विट इंडिया” नोटिस जारी किया गया है। इन लोगों की नागरिकता और दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई की गई है। वहीं करीब 1000 अन्य संदिग्धों के दस्तावेजों और पहचान की जांच जारी है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई पूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी। इसके लिए पुलिस, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।

जनता की मदद के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
राज्य सरकार ने आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। यह सेवा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री Vijay Sharma के निर्देश पर शुरू की गई है।
यह हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय रहेगी। नागरिक अपने आसपास रहने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना इस नंबर पर दे सकेंगे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सरकार का कहना है कि राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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