मनेन्द्रगढ़। राजस्थान भवन में आयोजित सात दिवसीय योग धारा शिविर के दौरान हरिद्वार से पधारे स्वामी परमार्थ देव जी महाराज ने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों को योग, जीवन मूल्यों और कर्तव्य पालन के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होंने योग की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और सफल जीवन के लिए योग को दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी एवं चेंबर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्वामी परमार्थ देव जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति का जो कर्तव्य है, वही उसका सच्चा धर्म है। भारतीय संस्कृति में धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि अपने दायित्वों और कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने सदैव कर्म और कर्तव्य को सर्वोच्च स्थान दिया है।
स्वामी जी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने कर्तव्य का पालन नहीं करता, वह जीवन में कभी संतुष्ट और सुखी नहीं रह सकता। व्यापार, समाज और परिवार—हर क्षेत्र में सफलता के लिए कर्मशील होना आवश्यक है। यदि व्यापारी अपने व्यवसाय को व्यवस्थित, पारदर्शी और उन्नत बनाना चाहते हैं, तो उन्हें अनुशासित जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ निरंतर परिश्रम करना होगा। योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सक्षम बनाता है कि वह अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सके।
उन्होंने व्यापारियों से आह्वान किया कि वे अपने व्यस्त जीवन में प्रतिदिन कुछ समय योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए अवश्य निकालें। इससे तनाव कम होगा, निर्णय क्षमता बढ़ेगी और कार्यक्षमता में भी सकारात्मक वृद्धि होगी। स्वामी जी ने कहा कि स्वस्थ व्यापारी ही स्वस्थ समाज और मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के राज्य प्रभारी संजय अग्रवाल, गणेश जी राज्य प्रभारी,श्री राम जी,सतीश उपाध्याय,अशोक केशरवानी, रामचरित द्विवेदी, जयचंद बोथरा,सुश्री बिंती अग्रवाल,विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने भी योग और आध्यात्मिक जीवनशैली के संबंध में स्वामी जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज जैन, प्रदेश मंत्री संजीव ताम्रकार, गणेश शराफ, जसपाल सिंह कालरा, सुशील वैद, रितेश जैन, सुयश गुप्ता, मंसूर मेमन, सौरव ताम्रकार, रोहित अग्रवाल, लक्की गुप्ता, प्रीतेश जायसवाल, अजय जायसवाल, मुकेश अग्रवाल, जयंती यादव, पप्पू अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित व्यापारियों ने योग को नियमित जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया तथा स्वामी परमार्थ देव जी के प्रेरक विचारों की सराहना की। सात दिवसीय योग धारा शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है।
