योगधारा शिविर के तीसरे दिन स्वामी परमार्थ देव ने बताया स्वस्थ जीवन का मंत्र, नियमित योग अपनाने का किया आह्वान

योगधारा शिविर के तीसरे दिन स्वामी परमार्थ देव ने बताया स्वस्थ जीवन का मंत्र, नियमित योग अपनाने का किया आह्वान

एमसीबी। जिले में 6 जून तक आयोजित किए जा रहे योगधारा शिविर के तीसरे दिन हरिद्वार से पधारे स्वामी परमार्थ देव जी महाराज ने प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराते हुए योग के महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न योग क्रियाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों का लाभ प्राप्त किया।
प्रातःकाल आयोजित सत्र में स्वामी परमार्थ देव जी ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण अनेक प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में योग एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


स्वामी जी ने कहा कि सुबह जल्दी उठकर नियमित रूप से योग करने से शरीर निरोग रहता है, मन शांत रहता है तथा आत्मिक शक्ति का विकास होता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली एक समग्र जीवन पद्धति है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तनाव कम होता है और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे योग को केवल शिविर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले तो वह न केवल स्वयं स्वस्थ रहेगा बल्कि अपने परिवार और समाज को भी स्वस्थ एवं जागरूक बनाने में योगदान दे सकेगा।


स्वामी परमार्थ देव जी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। योग के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने परिचितों, मित्रों और परिवार के सदस्यों को भी योगधारा शिविर में शामिल होने के लिए प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें।


शिविर में उपस्थित नागरिकों ने योगाभ्यास के साथ स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी उपयोगी जानकारी भी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने बताया कि नियमित योग करने से उन्हें शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक शांति का अनुभव हो रहा है।
स्वामी परमार्थ देव जी ने जानकारी दी कि वे 3 एवं 4 जून को भी योगधारा शिविर में योगाभ्यास कराएंगे। उन्होंने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिविर का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और आनंदमय जीवन का आधार है तथा प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

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