रायपुर। राजधानी रायपुर गुरुवार सुबह उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब दिल्ली से आने वाली इंडिगो की एक नियमित उड़ान खराब मौसम के कारण रायपुर एयरपोर्ट पर उतर नहीं सकी। विमान ने निर्धारित समय पर रायपुर पहुंचने के बाद कई बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते पायलट को विमान को नागपुर डायवर्ट करना पड़ा। खास बात यह रही कि इस फ्लाइट में छत्तीसगढ़ की राजनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ सवार थे।
जानकारी के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट 6E-5138 को सुबह करीब 9 बजे रायपुर एयरपोर्ट पर उतरना था। विमान रायपुर के आसमान तक पहुंच गया था और लैंडिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने और दृश्यता कम होने के कारण पायलट को विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे तक विमान आसमान में चक्कर लगाता रहा और सुरक्षित लैंडिंग की संभावनाएं तलाशता रहा।
जब लगातार प्रयासों के बाद भी हालात अनुकूल नहीं हुए तो विमान को नागपुर एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। इस दौरान रायपुर एयरपोर्ट पर मौजूद परिजनों, समर्थकों और नेताओं के स्वागत के लिए पहुंचे लोगों में भी असमंजस की स्थिति बन गई।
इस उड़ान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास तथा विधायक रेणुका सिंह सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं। एक ही विमान में सत्ता और विपक्ष के दिग्गज नेताओं के होने से यह घटना और भी चर्चित हो गई।
नागपुर पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि विमान समय पर रायपुर पहुंच गया था, लेकिन मौसम की वजह से लैंडिंग संभव नहीं हो सकी। पायलट ने दो बार प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वापस ऊपर ले जाया गया और बाद में नागपुर डायवर्ट कर दिया गया।
वहीं भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि नागपुर एयरपोर्ट पर भी यात्रियों के बीच अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी। यात्रियों को एयरलाइन की अगली व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी बताया कि सभी यात्री एयरलाइन के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं और जानकारी दी गई है कि रीफ्यूलिंग के बाद विमान को पुनः रायपुर रवाना किया जाएगा।
मौसम की मार के कारण भले ही उड़ान अपने तय समय पर रायपुर नहीं पहुंच सकी, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पायलट के निर्णय ने सभी यात्रियों को सुरक्षित रखा। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि खराब मौसम के सामने आधुनिक विमानन व्यवस्था को भी सतर्कता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी पड़ती है। :::
